STORYMIRROR

Neerja Sharma

Inspirational Others

3  

Neerja Sharma

Inspirational Others

रेत

रेत

1 min
459

रेत

हे मानुष

मुझे रौंद कर 

तुम कहाँ जाओगे

अपने पैरों के निशां

मेरे सीने पर ही पाओगे

लौट इक दिन यहीं आना

मेरे हृदय में आ स्वयं को समाना 

धमंड न कर, रेत के निशां सा मिट जाना

ढूँढना चाहे तो भी न ढूँढ पाओगे

अपनी जगह औरों को पाओगे

यह कुदरत का नियम है 

मिटना हर एक को है

मुट्ठी से फिसले

रेत -जीवन

कुछ कर

जाओ।



ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ

Similar hindi poem from Inspirational