Ms. Nikita
Classics
क्यों तू मानव
प्यासा रे !
यहाँ-वहाँ क्यों
भागा रे !
कब तक भाग्य
तेरा रहेगा
कब तक
साथी-सखा सहेगा
पूर्ण रूप से
तू निर्भय है
आशा रुपी
तू विरले है
विरल नाम तेरा
काम आएगा
जब तू
संपूर्ण बन जाएगा।
आत्मघात
दो पल
प्रमाण
अनुमति
जाने कहाँ गए ...
जैसे-तैसे
जीवित जीवन
क्या हुआ
तैयारी
व्यक्त कर
बेटी नहीं भोग वस्तु, बेटी का न करो अपमान जीवन के हर रूप में कन्या का रिश्ता महान। बेटी नहीं भोग वस्तु, बेटी का न करो अपमान जीवन के हर रूप में कन्या का रिश्ता म...
बस खेलो, खाओ, सो जाओ बस इसके सिवा कुछ याद नहीं। बस खेलो, खाओ, सो जाओ बस इसके सिवा कुछ याद नहीं।
इसीलिए नेकी कर और कुएँ में डाल ही आज की सच्चाई है, जिसने इसे अपना लिया, उसने चिंता मुक्त ज़िंदगी प... इसीलिए नेकी कर और कुएँ में डाल ही आज की सच्चाई है, जिसने इसे अपना लिया, उसने ...
बारिश की बूंदों के साथ मनमानी उन लम्हों की याद बहुत आती कहानी। बारिश की बूंदों के साथ मनमानी उन लम्हों की याद बहुत आती कहानी।
हे ! श्रेष्ठ, हे ! सनातन । मुझको सच्चा मार्ग दिखाओ, भक्त को तुम दो अपने दर्शन, वैजयंती ... हे ! श्रेष्ठ, हे ! सनातन । मुझको सच्चा मार्ग दिखाओ, भक्त को तुम दो अपन...
मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ मैं भी कुछ कहना चाहता हूँ
उनके तीन ही बन्दर हमको,गहन पाठ ये पढ़ा गए बुरा न देखो, सुनो ना बोलो, बिन बोले ही बता गए उनके तीन ही बन्दर हमको,गहन पाठ ये पढ़ा गए बुरा न देखो, सुनो ना बोलो, बिन बोले ...
जहां पर संभाल कर रखी है उस की निशानियां इन पन्नों को भी सहेजा वहीं जहां पर संभाल कर रखी है उस की निशानियां इन पन्नों को भी सहेजा वहीं
बीता हुआ कल हमें जीवन के सीख देता है जिसके सहारे हम अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हैं बीता हुआ कल हमें जीवन के सीख देता है जिसके सहारे हम अपना भविष्य उज्जवल बना सकते ...
अरे कुछ अपने कर्मों से भी कमा लो या लालच सिर्फ पराए धन का ही है। अरे कुछ अपने कर्मों से भी कमा लो या लालच सिर्फ पराए धन का ही है।
बेष्णो धाम चला ये सजनवा। भैरव के मारी माई अमर कई दिहली। संगवा अपने भैरव पूजा कराई बेष्णो धाम चला ये सजनवा। भैरव के मारी माई अमर कई दिहली। संगवा अपने भैरव ...
यह कविता जीवन की कठिनाईयों और मनुष्यों के छल पूर्ण व्यवहार्य से दुःखी एक मनुष्य की मनोदशा को दर्शाती... यह कविता जीवन की कठिनाईयों और मनुष्यों के छल पूर्ण व्यवहार्य से दुःखी एक मनुष्य ...
सभी पाठको के लिए जन्माष्टमी की शुभ कामनाएं और बधाई। सभी पाठको के लिए जन्माष्टमी की शुभ कामनाएं और बधाई।
कुंटी कईसे गेहूया ओखरो ना लऊके । जाई कइसे घाट नदिया ये छठी मईया । कुंटी कईसे गेहूया ओखरो ना लऊके । जाई कइसे घाट नदिया ये छठी मईया ।
अद्वितीय प्रतिभा की धनी हैं, महीयसी महादेवी वर्मा। अद्वितीय प्रतिभा की धनी हैं, महीयसी महादेवी वर्मा।
खुद को खुदा को या फिर मुझको। खुद को खुदा को या फिर मुझको।
आकर हमें बचाओ ना ओ कान्हा तुम आओ ना। आकर हमें बचाओ ना ओ कान्हा तुम आओ ना।
ख्वाब कई देखते हैं, मुकम्मल किसका होता है? हवा के रुख को मोड़ता वो पतंग किसका होता है? ख्वाब कई देखते हैं, मुकम्मल किसका होता है? हवा के रुख को मोड़ता वो पतंग किसका ...
तुम कृष्ण में यादव ढूंढ़ते हो तुम दलित - शूद्र ना छूते हो तुम संपत्ति ओढ़े बैठे हो तुम कृष्ण में यादव ढूंढ़ते हो तुम दलित - शूद्र ना छूते हो तुम संपत्ति ओढ़े...
बादल हूँ, खुशबू हूँ या कोई हवा हूँ। बादल हूँ, खुशबू हूँ या कोई हवा हूँ।