STORYMIRROR

Mitali Mishra

Drama Classics

4  

Mitali Mishra

Drama Classics

प्यार

प्यार

1 min
246

प्यार जिंदगी में जितना होता है,

जिंदगी उतनी ही प्यारी लगती है,

वैसे तो प्यार कोई वस्तु नही जिसे,

आप वक्त के जरूरत पर इस्तमाल करो।


प्यार तो आपकी अमानत होती है,

वो आपकी जिंदगी की धरोहर है,

जो हर किसी को नसीब नहीं होती,


इसलिए प्यार को करते रहो

उसे कभी छोरों नहीं।

प्यार सुबह की धूप की तरह,

चमचमाती होती है,

प्यार सागर की तरह,

शांति से निरंतर बेहेने वाली होती है।


प्यार किसी कवि के,

कविता के तरह होती है,

प्यार फूलों की महकती 

खुशबू होती है,


प्यार का रंग इंद्रधनुषी होता है,

जो जिंदगी को अपने रंग से रंग देता है।

प्यार को प्यार से बांटते रहो

जिंदगी को यूं ही हसीन बनाते रहो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Mitali Mishra

हौसला

हौसला

1 min पढ़ें

एहसास

एहसास

1 min पढ़ें

बंधन

बंधन

1 min पढ़ें

बारिश

बारिश

1 min पढ़ें

सफर

सफर

1 min पढ़ें

सागर

सागर

1 min पढ़ें

घर

घर

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Drama