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Smruthi Bhandiwad

Drama

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Smruthi Bhandiwad

Drama

हॉस्टल की यारीयां

हॉस्टल की यारीयां

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लोग कहते हैं कि घर के प्यार से बढ़कर कुछ नहीं,

पर वो घर ही क्या जिसमे दोस्तों की खुशबु न हो।


लोग कहते है देर रात तक जागना अच्छा नहीं होता,

पर वो राते ही क्या जब दोस्तों का कहानियाँ ना सुनी हो।


लोग अकसर बोलते हैं अनजानों से बात मत करो,

पर इन लोगों को क्या पता अनजाने में यार बनाना क्या होता है।


लोग आकर कहते हैं ज्यादा किसी की कदर मत करो,

पर उस प्यार का क्या जो अनजाने में कदर कर जाता है।


लोग कहते हैं घर के खाने जैसा कुछ नहीं,

पर वो देर रात तक बातें करते मैगी खाने का अलग ही मज़ा है।


ना जाने ये लोगो की बातें कब खत्म होगी पर

अंजाने में ही तुम लोगों ने मेरी अलग सी दुनिया बना दी।


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