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Vijaykant Verma

Romance

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Vijaykant Verma

Romance

प्यार करना चाहता हूं

प्यार करना चाहता हूं

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प्यार करना चाहता हूँ

तुझको डूबना चाहता हूँ

इन आंखों में

अगर तेरी इनायत हो तो जीना चाहता हूँ

इन आंखों में हर सांस में है

तू मेरी हर धड़कन में है

तू मेरी दिल की सजी हर महफ़िल में हर आरज़ू में है

तू मेरी आज अपनी मोहब्बत का अक्स देखना चाहता हूँ

इन आँखों में अगर तेरी इनायत हो तो जीना चाहता हूँ

इन आंखों में तेरी काली घनेरी इन जुल्फों से खेलने की है तमन्ना

तेरे सुर्ख इन लबों के रस को पीने की है तमन्ना

अगर तेरी इज़ाज़त हो

तो डूबना चाहता हूँ इन आँखों में

अगर तेरी इनायत हो

तो जीना चाहता हूँ

इन आंखों में


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