'' प्यार की कश्ती ''
'' प्यार की कश्ती ''
प्यार की कश्ती में होकर सवार
किया हमने संग संग समंदर पार
हुई कभी लड़ाई, कभी हुआ झगड़ा
फिर भी रहा दोनों में प्यार बड़ा तगड़ा
की नहीं हमने कभी गैरों से शिकायत
आपस में उलझकर सुलझाया झगड़ा
प्यार की कश्ती में होकर सवार
किया हमने संग संग समंदर पार
कभी खाया ग़म, कभी गुस्सा पी ली
कभी थोड़ा बोला, कभी चुप रह ली
प्यार की कश्ती में होकर सवार
किया हमने संग संग सात समंदर पार।

