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aazam nayyar

Abstract Inspirational

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aazam nayyar

Abstract Inspirational

प्यार की आंखें मिलाओ

प्यार की आंखें मिलाओ

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दुश्मन बनकर के रहो मत

दोस्त झगड़ा करो मत


प्यार की आंखें मिलाओ

मुंह चढ़ाकर के चलो मत


दिल से ही अपने भुला दो 

हिज्र में उसके जलो मत 


पढ़ ली है आंखें तुम्हारी 

और कुछ भी यूं कहो मत 


हो गया वो ग़ैर तुझसे 

अब उसी से ही मिलो मत 


हाँ भुला उस बेवफ़ा को 

आज़म यूं आहें भरो मत

आज़म नैय्यर 


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