STORYMIRROR

SUNIL JI GARG

Drama Romance

3  

SUNIL JI GARG

Drama Romance

प्यार दिलदार

प्यार दिलदार

1 min
187

अब रस्ता देख लिया है

जब दिल चाहे चले आना

खुशनुमा फज़ाएँ रहेंगी सदा 

दिलदार को भी संग लाना 


आपसे इल्तिजा है यही 

याद संजो के रखे रहना 

अच्छा लगता है आपके संग 

साथ साथ प्रेम के दरिया में बहना


वही पुरानी पुरानी बातें 

फिर से उघाड़ना है अपनी आदत 

कुछ लोग इन्हीं पुरानी वाली 

बातों को कहते असली मोहब्बत 


कुछ तुम गाना, कुछ हम गुनगुनायेंगे 

काफिया हर बार मिला ही लेंगे 

फिर जाने की बात आएगी तो 

वही पुराना बदला भी लेंगे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama