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Sachin Kapoor

Drama

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Sachin Kapoor

Drama

पथराई भावनाएँ

पथराई भावनाएँ

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अर्थ तो एक ही है 

पर बहुत फर्क है 


मेरे ये पूछने में 'कैसी हो'

और तुम्हारे ये पूछने में '

और क्या हालचाल'


शब्द अपने मायने खो चुके हैं 

या गढ़ लिए हों उन्होंने

अपने नए मायने 


एक नदी बहती थी 

भावनाओं से भरपूर 

सूख गई है वो


और भावनाएँ जैसे पथरा गई हो।


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