चन्द्रयान 2
चन्द्रयान 2
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सदियों का प्यार था
वर्षों की तलाश थी
महीनों का सफर था
मिलने की आस थी
दो कदम की दूरी थी
पर दिल की मजबूरी थी
और सब्र का बांध टूट गया
सांसों का साथ छूट गया
मिलने तुझसे दौड़ गया
सीमाएं अपनी तोड़ गया
रहूंगा किसी और जनम में,
तेरे साथ
इस बार मेरी मिट्टी तेरी हुई।
