STORYMIRROR

Sachin Kapoor

Inspirational

4  

Sachin Kapoor

Inspirational

जिंदगी

जिंदगी

1 min
510

काफिले चल पड़े हैं तो मंजिल भी मिल जायेगी 

है भले ही रात लम्बी सितम की, टल जायेगी। 


वक्त के साथ-साथ बदली है सूरत जमाने ने 

साथ चलोगे, किस्मत तुम्हारी भी बदल जायेगी। 


लड़खड़ाना भी जरूरी है जिंदगी में कभी-कभी 

ठोकर लगेगी तो खुद ही सम्भल जायेगी।


लोगों की मदद करो और दुआएं बटोरते चलो

एक न एक दिन किसी की दुआ फल जायेगी।


जिंदगी कहां किसी के लिए रुकी है 'सचिन'

जिंदगी रेत है, एक दिन मुट्ठी से फिसल जायेगी। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational