STORYMIRROR

Geeta kumari

Inspirational

3  

Geeta kumari

Inspirational

प्रवासी भारतीय

प्रवासी भारतीय

1 min
215

अपने वतन की मिट्टी को,

क्या कभी तू भुला पाएगा

जिस आंगन में खेला-कूदा,

क्या वो याद ना आएगा

जिस विद्यालय कॉलेज से

ली शिक्षा तुमने युवक

क्या उसके प्रति भी,

नतमस्तक ना हो पाएगा

जिस डिग्री के बलबूते गया परदेस,

वह डिग्री यहीं से पाई थी

क्या उस डिग्री को देख कर भी

आंख ना कभी भर आई थी

बन-संवर कर जहां से चला था,

क्या वो गलियां याद ना आती हैं

वो घर, शहर तेरा देश तेरी राह देखता

वो यादें कभी तो याद आएंगी,

तू लौटकर आएगा एक दिन,

ये मिट्टी तुझे बुलाएगी ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational