आपकी ख़ामोशियाँ
आपकी ख़ामोशियाँ
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आप कुछ कहें न कहें,
सब कुछ कह जाती हैं हमसे,
आपकी ख़ामोशियाँ।
ख़ुशियों का इज़हार भी करती और
कह जाती हैं आपकी परेशानियाँ,
आप कितना भी छुपा लो,
ग़म और ख़ुशी कितना भी दबा लो,
आपकी सुनती ही नहीं हैं..
चुगली कर जाती हैं हमसे,
आपकी खामोशियाँ॥
