STORYMIRROR

Shilpi Goel

Inspirational

4  

Shilpi Goel

Inspirational

परिंदे

परिंदे

1 min
223

कुछ नया ढूंढने की तलाश

हर रोज करते हैं,

यही सोच कर परिंदे

घर से निकलते हैं।


आज कुछ मुकाम

हासिल कर जाएंगे,

तिनका-तिनका जोड़

एक घरोंदा ऐसा बनाएंगे,

जहां सूकुन से अपना

बसेरा बसाएंगे।


चाहत है मेरी

मैं भी उड़ जाऊँ,

उस नीले गगन में

बसेरा बसाऊँ,

जहां इंद्र धनुष के रंगों से सजी

एक दुनिया तैरती है अंबर में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational