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Satya Prakash Parmar

Romance

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Satya Prakash Parmar

Romance

प्रेम

प्रेम

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मन का तार झंकृत कर दे, वो इक हसीँ ख्वाब तुम हो।

जीवन में मेरे शबाब भर दे, वो इश्क की आव तुम हो।

और दे साथ मंजिल तक, हम राही से हम सफर तक।

इस धरा से उस गगन तक, मेरे दिल का लगाव तुम हो।


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