प्रेम
प्रेम
प्रेम सिर्फ शारीरिक नहीं होता है
प्रेम किसी व्यक्ति से नहीं होता है
प्रेम होता है शानदार व्यक्तित्व से...
और इंसान के मनमोहक व्यवहार से
किसी की सोच जब तुम्हें बुलंदियों तक ले जाती है
किसी का अहसास जब तुम्हें अपना बनाने लगता है
किसी की परवाह जब तुम्हें सुकून दे जाती है
किसी की बातें जब मन प्रफुल्लित कर जाती है
तुम कितने अनमोल हो उसके लिए
जब कोई तुम्हें ये महसूस कराता है
अपनी व्यस्त दिनचर्या में भी..
तुम्हारे लिए वक्त निकालता है
सुख-दुख में तुम्हारे साथ रहकर
तुम्हारा हौसला सदा बढ़ाता है
जिसको आप समझना चाहते हैं
जो आपको बेहतर समझता है
ऐसे इंसान के श्रेष्ठ गुणों से आपको
हरदम प्यार होगा और होता ही रहेगा
क्योंकि प्रेम व्यक्ति से नहीं बल्कि
उसके व्यक्तित्व से होता है.......।
