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JAYANTA TOPADAR

Inspirational

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JAYANTA TOPADAR

Inspirational

प्रातःकालीन भ्रमण : दूरभाष यंत्र और वार्तालाप...

प्रातःकालीन भ्रमण : दूरभाष यंत्र और वार्तालाप...

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अक्सर हम देखते हैं कि कई लोग आदतन प्रात:काल नींद से जल्दी उठकर 

भ्रमण को निकलते हैं। 

ये बेशक़ बहुत अच्छी बात है! 

नित्य प्रात:कालीन भ्रमण से 

देह और मन दोनों ही 

प्रफुल्लित रहता है, 

जो कि स्वास्थ्योन्नति हेतु 

अत्यंत उपयोगी है।


मगर प्रायः एक बात खटकती है। 

वो यह है कि कुछ लोग 

प्रातःकालीन भ्रमण को 

निकलकर भी अक्सर

दूरभाष यंत्र पर वार्तालाप करने में ही 

व्यस्त रहते हैं...। 

हद तो तब हो जाती है 

जब लोग दूरभाष यंत्र पर 

ज़रूरत से ज़्यादा ज़ोर-ज़ोर से 

किसी के साथ वार्तालाप 

करना प्रारंभ करते हैं। 

और कुछ लोग तो

बड़ी तैयारी के साथ 

प्रातःकालीन भ्रमण के उद्देश्य से 

अपने घर से निकल आते हैं, 

मगर वो अपने साथ चलनेवाले 

यार-दोस्तों से यहाँ-वहाँ की 

बातें करते हुए 

प्रातःकालीन भ्रमण को 

महज एक औपचारिकता मानकर 

अपनी बेशक़ीमती सुबह 

व्यर्थ ज़ाया करते हैं। 


इन परिस्थितियों में 

कैसे कोई वास्तविक रूप में 

प्रात:कालीन भ्रमण को निकलता है, 

यही सोचनेवाली बात है...!!! 


जो लोग समझदारी से काम लेते हैं, 

वो ऐसे किसी गैरज़िम्मेदार व्यक्ति के साथ प्रात:कालीन भ्रमण को 

निकलते ही नहीं, 

जिसका प्रमुख उद्देश्य है 

चलते-चलते दूरभाष यंत्र द्वारा 

किसी से गैरज़रूरी वार्तालाप करना 

या नहीं तो अपने साथ चलनेवाले 

यार-दोस्तों से गैरज़रूरी बातें करना...। 


विकल्प आपके सामने है -- 

सही विकल्प का चयन करें 

और प्रातःकाल को 

सफलतापूर्वक व्यतीत करें, 

क्योंकि समय बहुत मूल्यवान है; 

इसे यूँ ही व्यर्थ न गँवा बैठें...! 

सजग रहें! समर्थ बनें 

और अपने देश भारत को 

विकसित करने में 

अपना पूर्ण योगदान दें...!


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