Prabhawati Sandeep wadwale
Action Inspirational Others
मैं इतनी भी होशियार नहीं हूँ
आप पर कुछ लिख पाऊं
पूर्ण दुनिया सारी
खतम हो जायेगी
पर आपकी गाथा
आपके गुणगान
कभी खतम नहीं होंगे
बच्चों के सपने
पूरे करने के लिए
आपने खुद को भुला दिया
खुदगर्ज दर्द दिल में है दबा दिया
अजनबी
अहसास
बाबा
पिताजी
बाबा आपकी याद...
लडकी
दोस्ती
पाने के लिए क...
मनुष्य
तकदीर बनाने क...
उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के निमित्त होता है। उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के नि...
तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ। तुम्हें पता नहीं यारों, तभी तो फौजी कहलाता हूँ।
अभी-अभी तो ख्वाहिशों ने की थी उड़ान की शुरुआत अभी-अभी तो ख्वाहिशों ने की थी उड़ान की शुरुआत
ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्यों ढूंढे ये ढूंढ रहे किसको जग में शामिल तो हूँ तेरे रग में, तेरा ही तो चेतन मन हूँ क्य...
ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात ना होती है ख़ामोशी भी दिले यार का दिया तोहफ़ा होती है। सजा जैसी ज़िंदगी लगती है गर बात न...
क्योंकि स्त्री की तरह इस शिकार के साथ जीना इतना आसान नहीं। क्योंकि स्त्री की तरह इस शिकार के साथ जीना इतना आसान नहीं।
मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर मुझे संघर्ष एवं संभावनाओं की असीमितता पर
मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ। मैं तुम्हारे वास्ते उस फौजी के टुकड़े चुन लाया हूँ।
है महाशिवरात्रि हम मनाते मान के साक्षी महादेव और हमारी माता पार्वती के विवाह को है महाशिवरात्रि हम मनाते मान के साक्षी महादेव और हमारी माता पार्वती के विवाह को
असंख्य शत्रु सामने, गिरे न स्वेद भाल से। स्वदेश के लिए लड़ो, महा कराल काल से॥ असंख्य शत्रु सामने, गिरे न स्वेद भाल से। स्वदेश के लिए लड़ो, महा कराल काल से॥
सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश सब मिलकर भरते रहे उसमें पूरा जोश उसको अपने कर्म का किंतु तनिक रहा न होश
ऐसे गद्दारों को आजादी से रहने का अधिकार नहीं होगा, ऐसे गद्दारों को आजादी से रहने का अधिकार नहीं होगा,
कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया, कुछ हक़ तो उसका भी था जिसने हमदम हमसफर बन सात जन्मो के लिए साथ निभाने का वचन दिया...
वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी
प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधान मंत्री जी, स्पष्ट उद्देश्य के साथ, साल दर साल भारत का नेतृत्व कर रहे ह...
नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।। नई ऊर्जा और हिम्मत का संचार कर खुद को खुद के लिए खास बना पाती हूँ मैं।।
"अखण्ड" मानवता का सम्यक परिचय करवाया... मैं उन सब का सदैव ऋणी हूँ "अखण्ड" मानवता का सम्यक परिचय करवाया... मैं उन सब का सदैव ऋणी हूँ
आप निश्चिंत रहो मैंने सब में जहां मिलावट करनी थी सब कर दी। आप निश्चिंत रहो मैंने सब में जहां मिलावट करनी थी सब कर दी।
हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे। हम सब कविता के एक एक शब्द को आत्मसात कर रहे थे आनंद ले रहे थे।
लेकिन मैं था ढीठ बड़ा, अपने बल पर रहा खड़ा मैंने अब भी ज़िद ना छोड़ी, सीना ताने रहा अड़ा लेकिन मैं था ढीठ बड़ा, अपने बल पर रहा खड़ा मैंने अब भी ज़िद ना छोड़ी, सीना ताने र...