Prabhawati Sandeep wadwale
Action Inspirational Others
मैं इतनी भी होशियार नहीं हूँ
आप पर कुछ लिख पाऊं
पूर्ण दुनिया सारी
खतम हो जायेगी
पर आपकी गाथा
आपके गुणगान
कभी खतम नहीं होंगे
बच्चों के सपने
पूरे करने के लिए
आपने खुद को भुला दिया
खुदगर्ज दर्द दिल में है दबा दिया
अजनबी
अहसास
बाबा
पिताजी
बाबा आपकी याद...
लडकी
दोस्ती
पाने के लिए क...
मनुष्य
तकदीर बनाने क...
पर संयम की भी सीमा है, आख़िर मिट्टी मेरी माँ है पर संयम की भी सीमा है, आख़िर मिट्टी मेरी माँ है
जिनके अधरों पे मुस्कान सदा, मृत्यु को जीवन देते हैं जिनके अपने जीवन भर चौखट पे ऑंखें तकते हैं जिनके अधरों पे मुस्कान सदा, मृत्यु को जीवन देते हैं जिनके अपने जीवन भर चौखट पे ...
बेटी का बाप पत्थर पर सिर पिटता है। खबर यह सारे शहर में बिकती है। बेटी का बाप पत्थर पर सिर पिटता है। खबर यह सारे शहर में बिकती है।
एक सुखी समय देने से पहले समय माङ्गता है प्रमाण। प्रश्न अब भी है वही है क्या तुम उठाओगे कृ... एक सुखी समय देने से पहले समय माङ्गता है प्रमाण। प्रश्न अब भी है वही है ...
मिटा देना है ऐसा आंतक जो देश को ललकारता है.....। मिटा देना है ऐसा आंतक जो देश को ललकारता है.....।
शांत जलधि मन को जो भाता है अतः क्रोध में प्रलय वही लाता है शांत जलधि मन को जो भाता है अतः क्रोध में प्रलय वही लाता है
घर है सूना आँगन भी लौट नहीं आयेगा तू तेरी यादें साथ मेरे अकेला लाल मेरा तू। घर है सूना आँगन भी लौट नहीं आयेगा तू तेरी यादें साथ मेरे अकेला लाल मेरा तू।
पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, यही हैं जिनके चार धाम, ऐसे अजेय सैनिकों को, मेरा सलाम-मेरा सलाम। पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, यही हैं जिनके चार धाम, ऐसे अजेय सैनिकों को, मे...
'सुलघने दे मुझे खुद मै ही, ना दे हवा तू ध्यान दे, मै आग हूं तू जान ले, अभी भड़का नहीं हूं तू मान ले।... 'सुलघने दे मुझे खुद मै ही, ना दे हवा तू ध्यान दे, मै आग हूं तू जान ले, अभी भड़का...
तिरंगे की लाज रखते-रखते प्राण अपने न्योछावर करके भारत के लाल कहलाते हो ! तिरंगे की लाज रखते-रखते प्राण अपने न्योछावर करके भारत के लाल कहलाते हो !
बाँट दिया खुद को दो मुल्कों में, और आज तक खड़े हैं हाथ मिलाने को। बाँट दिया खुद को दो मुल्कों में, और आज तक खड़े हैं हाथ मिलाने को।
पैरों की बेड़ियों से गले का फंदा बनती इन संधियों को, अब तोड़ने का वक़्त है। पैरों की बेड़ियों से गले का फंदा बनती इन संधियों को, अब तोड़ने का वक़्त है।
जा जवान जा, देश का झंडा फहरा...! जा जवान जा, देश का झंडा फहरा...!
फौलादी इरादे लिए, सियाचिन की बदन गला देने वाली, ठण्ड में भी डटे रहते हैं। फौलादी इरादे लिए, सियाचिन की बदन गला देने वाली, ठण्ड में भी डटे रहते हैं।
यह कविता देश की सुरक्षा करते जवानों पर आधारित है। यह कविता देश की सुरक्षा करते जवानों पर आधारित है।
माँ तेरी बेटी हूँ, मैं अाकिंचन क्या दे सकती हूँ तुझे, मालूम नहीं......... माँ तेरी बेटी हूँ, मैं अाकिंचन क्या दे सकती हूँ तुझे, मालूम नहीं.........
मिटे नहीं कलंक तब तक, कलंक दिवस हम मनाएंगे लिए शरण जहा भारत पंडित ढूंढ उन्हें हम लाएँगे। मिटे नहीं कलंक तब तक, कलंक दिवस हम मनाएंगे लिए शरण जहा भारत पंडित ढूंढ उन्हें ...
कँपकँपाती ठंड में भी, हम तुझको हिम्मत की गर्म चादर, ओढ़ना सिखलायेंगे। ऐ जिन्दगी हम तुझको लड़ना ब... कँपकँपाती ठंड में भी, हम तुझको हिम्मत की गर्म चादर, ओढ़ना सिखलायेंगे। ऐ जिन्...
अगणित वीरों ने किया जब प्राणों का बलिदान तब जाकर भारत ने पाया अपना संविधान। अगणित वीरों ने किया जब प्राणों का बलिदान तब जाकर भारत ने पाया अपना संविधान।
इस देश पर सैनिक का उधार है ।। इस देश पर सैनिक का उधार है ।।