STORYMIRROR

Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Action Inspirational

4  

Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Action Inspirational

भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी

भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी

1 min
573

जीवन में विविध भाषाओं का भी,

स्मृत रखना है हम सबने योगदान।

पर भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी को,

कभी देना न भूलें यथोचित सम्मान।


सबसे ही महत्त्वपूर्ण होती है मातृभाषा,

मां से सीख जिससे कदम बढ़ाते जरा सा।

मातृभाषा मूल जिससे सीखते हैं हम ज्ञान,

मां-मातृभाषा का आजीवन करिए सम्मान।

जीवन में विविध भाषाओं का भी,

स्मृत रखना है हम सबने योगदान।

पर भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी को,

कभी देना न भूलें यथोचित सम्मान।


भाषाएं माध्यम होती हैं अभिव्यक्ति का ,

सदा सबका ही हम सब करें पूरा सम्मान।

भावों की अभिव्यक्ति में पूरक एक दूजे की,

एक की समृद्धि में होता अन्यों का योगदान।

जीवन में विविध भाषाओं का भी,

स्मृत रखना है हम सबने योगदान।

पर भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी को,

कभी देना न भूलें यथोचित सम्मान।


विकास को गति देने में सहायक हुई हो,

जो भाषा जिससे मिली हो हमें पहचान।

उस भाषा तक पहुंचाने वाली मूल भाषा,

जिसकी उंगली पकड़ सीखा ये सारा ज्ञान।

जीवन में विविध भाषाओं का भी,

स्मृत रखना है हम सबने योगदान।

पर भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी को,

कभी देना न भूलें यथोचित सम्मान।


हिंदी पहचान है जगत में अपने भारत की,

हिंद महासागर का जिसके चरणों में स्थान।

जिसके कुछ निवासी हिंदी अपनाने में शर्माएं,

हिंदी दिवस क्यों कर मनाए विश्वगुरु हिंदुस्तान?

जीवन में विविध भाषाओं का भी,

स्मृत रखना है हम सबने योगदान।

पर भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी को,

कभी देना न भूलें यथोचित सम्मान।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract