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मिली साहा

Inspirational

4  

मिली साहा

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पिता

पिता

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पालन, पोषण, प्यार करे पिता, वट वृक्ष समान करे सुरक्षा,

बलिदान बड़े से बड़ा करे पिता, सर्वोपरी सदैव संतान रक्षा,


कभी समझाए कभी सांत्वना दे, फटकार में भी प्यार छुपा,

जीवन सफ़र सुखमय हो संतान का, पूर्ण प्रयास करे पिता,


स्वयं की ना सोचे, जीवन पर्यंत करे बस संतान की चिंता,

हर मुश्किल में ढाल बने, हिम्मत, हौसला है पहचान पिता,


कड़वी बातें कहते कई बार, पर उन बातों का है मोल बड़ा,

कौन तोड़ सके हिम्मत, जिस संतान सर है पिता का पहरा,


पिता शीतल सवेरा, पिता से बचपन खुशियों का खज़ाना, 

असंख्य, अनंत त्याग पिता का, है मुश्किल मोल चुकाना,


राजा या रंक हो, हर पिता का सुख तो है संतान में समाया,

भाग्यशाली है संतान वो, हो जिसके सर पे पिता का साया,



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