पहले प्यार के एहसास
पहले प्यार के एहसास
इस दौर में इश्क़ में वो दीवानगी ना रही
मोहब्बत तो दूर अब तो दोस्ती भी ना रही !
लग रहा है अब सारा चमन उजड़ा हुआ सा
अब के गुलशन में पहले सी ताज़गी ना रही !
पैसे की होड़ में दौड़ रहे हैं जो खैरख्वाह
अब किसी में किसी के लिए बेख़ुदी ना रही !
अपनी ख़्वाहिशों को समेटकर रख दिया है
कि अब ज़िंदगी जीने की वो तिश्नगी ना रही !
ज़ब दिल को कुछ सुकून सा मिला करता था
इस दौर में उन लम्हों की मामूली ख़ुशी ना रही !
वह चाँद जिन सितारों के भरोसे चमकता था
अब उसके साथ उसकी चाँदनी भी ना रही !
अब नहीं करता कोई पहले प्यार की बातें
अब दिल की बात कहने को शायरी ना रही !
