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V. Aaradhyaa

Classics Fantasy Inspirational

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V. Aaradhyaa

Classics Fantasy Inspirational

पहले प्यार के एहसास

पहले प्यार के एहसास

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इस दौर में इश्क़ में वो दीवानगी ना रही

मोहब्बत तो दूर अब तो दोस्ती भी ना रही !


लग रहा है अब सारा चमन उजड़ा हुआ सा

अब के गुलशन में पहले सी ताज़गी ना रही !


पैसे की होड़ में दौड़ रहे हैं जो खैरख्वाह

अब किसी में किसी के लिए बेख़ुदी ना रही !


अपनी ख़्वाहिशों को समेटकर रख दिया है 

कि अब ज़िंदगी जीने की वो तिश्नगी ना रही !


ज़ब दिल को कुछ सुकून सा मिला करता था

इस दौर में उन लम्हों की मामूली ख़ुशी ना रही !


वह चाँद जिन सितारों के भरोसे चमकता था

अब उसके साथ उसकी चाँदनी भी ना रही !


अब नहीं करता कोई पहले प्यार की बातें

अब दिल की बात कहने को शायरी ना रही !


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