फिल्म
फिल्म
एक कहानी या घटना को
चलती छवियों के साथ में
सेट पर कैमरा लिए हाथ में
पूरा रिकॉर्ड किया जाता है
सुंदर- सुंदर दृश्यों की भी
झलक दिखाई जाती है...
अभिनेता, अभिनेत्री संग
पूरी टीम काम पर आती है
शानदार गानों का मिश्रण
दिल आनंद से भरता है ...
मनमोहक एनिमेशन इफैक्ट
खूब
मनोरंजन करता है......
धन्य हैं थॉमस अल्वा एडिसन
जिन्होंने चलचित्र बनाया था...
नमन हैं दादा साहब फाल्के जी को
जिन्होंने फिल्म अभियान चलाया था
सर्वप्रथम मूक फिल्म "हरिश्चंद्र" बनाई थी....
1931 में बोलती "आलम आरा" दिखाई थी
इस तरह एक के बाद एक हिट फिल्म बनाई थी
भारत को सिनेमा क्षेत्र में नई पहचान दिलाई थी
हर विषय पर देश भर में फिल्में बनाई जाती हैं
अलबेली संस्कृति की झलक दिखाई जाती है
फिल्में केवल मनोरंजन नहीं ये ज्ञानवान बनाती हैं
विश्व भर में भारत देश को श्रेष्ठ स्थान दिलाती है.....।
