STORYMIRROR

Shailaja Bhattad

Abstract

3  

Shailaja Bhattad

Abstract

फिलहाल है

फिलहाल है

1 min
25

फुरसत फिलहाल है 

आत्ममंथन का विचार है।  


नादानियों की नकेल कसना 

आज जरूरी काम है।


शिकायतों को सूली दिखाना, 

बस यही एक उपाय है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract