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Shailaja Bhattad

Abstract

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Shailaja Bhattad

Abstract

फिलहाल है

फिलहाल है

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फुरसत फिलहाल है 

आत्ममंथन का विचार है।  


नादानियों की नकेल कसना 

आज जरूरी काम है।


शिकायतों को सूली दिखाना, 

बस यही एक उपाय है।


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