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SURYAKANT MAJALKAR

Inspirational

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SURYAKANT MAJALKAR

Inspirational

फ़ौजी

फ़ौजी

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व्यर्थ का हम वक्त गंवाए

समय का मोल समझ न आये


सरहद पर दिन रात खड़े

दुश्मन से है आँख लड़े


छोड़ के अपना घर परिवार

मेरा फ़ौजी करे देश विचार


कभी न कोई ख़्वाब सपना

कभी न खुद के लिए जीना


हम भी थोड़ा करे विचार

छोड़े दूजा धर्म अविचार


आपस में नित्य पले प्रेम भावना

यही ले हम उनसे 'प्रेरणा'



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