Bhawna Vishal
Romance Tragedy
फागुन
जिद्दी बच्चे के जैसे
रंग भरी-दुपहरी तक
खेलता है,
लगा के नाम होली का
बीच बाजार,सरेराह ठेलता है
और जो ना मानू तो
मारे चिढ के
भर भर उदासियां
मुझपे उड़ेलता है।
कोरोना को हरा...
बेटी
प्रेम....दिल ...
तुम बिन ना हो...
' पाखंड '
पीड़ा
हाथरस, मानव औ...
आओ दीप जलायें
अंतर्दर्शन
गुजारिश है मुझे मजहब मेरा न दिखलाना तुम। गुजारिश है मुझे मजहब मेरा न दिखलाना तुम।
प्रेम शाश्वत सशक्त मंत्र है सर्वोपरि निर्विघ्न तंत्र है। भावों की गठरी में बंद भाषा है अनुपम अन... प्रेम शाश्वत सशक्त मंत्र है सर्वोपरि निर्विघ्न तंत्र है। भावों की गठरी में बं...
माशुका के नयनों की क्या तारीफ करना... वह तहूर है, वह शराब है... माशुका के नयनों की क्या तारीफ करना... वह तहूर है, वह शराब है...
तेरा मेरा रिश्ता है परे झूठ की समस्त परिभाषाओं से ! तेरा मेरा रिश्ता है परे झूठ की समस्त परिभाषाओं से !
तुम्हारी इबादत में आने को इजाज़त चाहता हूं, यहीं तो कहता है ना आशिक अपनी माशुका को...? तुम्हारी इबादत में आने को इजाज़त चाहता हूं, यहीं तो कहता है ना आशिक अपनी माशुका ...
छुपती मोहब्बत, जब रंगीन हुई, तब दिया सब कुछ भुला। छुपती मोहब्बत, जब रंगीन हुई, तब दिया सब कुछ भुला।
तुम्हारी मीठी-मीठी बातों में, मैं फिसल गया ! तुम्हारी मीठी-मीठी बातों में, मैं फिसल गया !
सूनी है मन की गलियाँ सूनी है मन की गलियाँ
गर नही हमसे इकरार करना तो इनकार कर दो मेरे आंसुओ को खरीदने का दावा क्यों करते हो बेरुखिया हमको दिख... गर नही हमसे इकरार करना तो इनकार कर दो मेरे आंसुओ को खरीदने का दावा क्यों करते ह...
प्रेमी के लिए प्रेमिका ही सबकुछ है... वह उसे सुबह, दिन, शाम और रात भी बनाना चाहता है... प्रेमी के लिए प्रेमिका ही सबकुछ है... वह उसे सुबह, दिन, शाम और रात भी बनाना चाहत...
तुम मानो या या न मानो वो एक गुलाब है जिसका पता हर ख़ुशबू देती है !!! तुम मानो या या न मानो वो एक गुलाब है जिसका पता हर ख़ुशबू देती है !!!
कुछ यूँ कहता है हाले बयाॅं अपना बैठी तुम सामने रहो मैं इबादत तुम्हें देखकर यूहीं करता रहूँ। कुछ यूँ कहता है हाले बयाॅं अपना बैठी तुम सामने रहो मैं इबादत तुम्हें देखकर...
मत कहना ये कैसा नशा है बिन पिये हम कहेंगे ये आपका नशा है। मत कहना ये कैसा नशा है बिन पिये हम कहेंगे ये आपका नशा है।
स्याह रात में तेरा भी चाँद चमकता है और मेरा भी फिर तू ही बता की हम अलग कैसे? स्याह रात में तेरा भी चाँद चमकता है और मेरा भी फिर तू ही बता की हम अलग कैसे?
दोनों ही देखते रहे प्रेम वश हृदय का हाल एक सा कैसा संयोग रहा उस पल समय ठहर गया दोनों ही देखते रहे प्रेम वश हृदय का हाल एक सा कैसा संयोग रहा उस पल समय ठहर...
इंतज़ार किया करता हूँ तुम्हारा… नाहक़ (!) क्योंकि वादा तो दूर की बात तुमसे कभी ‘मिला’ ही नहीं ! इंतज़ार किया करता हूँ तुम्हारा… नाहक़ (!) क्योंकि वादा तो दूर की बात तुमसे कभ...
महसूस किया इश्क़ क्या है, धड़कता जो मेरे दिल में यहाँ बहुत देखें चाहने वाले, मगर महसूस किया इश्क़ क्या है, धड़कता जो मेरे दिल में यहाँ बहुत देखें चाहन...
कब आओगे सचमुच में, तुम्हारी राह तकते हैं। कब आओगे सचमुच में, तुम्हारी राह तकते हैं।
दर्द सह जाएंगे, आंसू पी जाएंगे, हद से भी हम गुजर जाएंगे, मानो या ना मानो। दर्द सह जाएंगे, आंसू पी जाएंगे, हद से भी हम गुजर जाएंगे, मानो या ना मानो।
है सबको मय की तलब, सब पे तेरा ही ख़ुमार है। है सबको मय की तलब, सब पे तेरा ही ख़ुमार है।