STORYMIRROR

Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Inspirational

4  

Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Inspirational

पहाड़ और प्यार

पहाड़ और प्यार

1 min
405

पहाड़ और प्यार दोनों का अद्भुत संगम

प्यार साथ में हो तो पहाड़ भी जन्नत सम


बिन प्यार जीवन पहाड़ सा आता नजर

प्यार के संग फूल खिलें पत्थरों की डगर ।


पहाड़ जीवन, निकलें गंगोत्री यमुनोत्री धार 

शक्तिपीठ बसे पहाड़, भवसागर होवे पार ।


पत्थर दिल पहाड़ भाव शून्य, लोग कहते

नहीं, कितना ज्वालामुखी अंतर में संजोते ।


अपने मन को स्थिर रखने की देते सीख

नये संघर्ष, सहनशक्ति, चुनौती की लीक।


पर्वत मौसम, ऋतु ,कृषि भोजन कारक

जड़ी-बूटी, पशु व औषधियों के उपकार।


धरा के पेपरवेट से ,भूकंप रोधी सहायक

हतभाग्य इंसान ये लालच का है नायक


गिट्टी, कंक्रीट बना हमें नेस्तनाबूद किया

इंसा ये कैसी बात? कर प्यार, धोखा दिया



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational