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Brijlala Rohanअन्वेषी

Inspirational

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Inspirational

पैसा

पैसा

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मैं मानता हूं कि पैसा बहुत कुछ है!

लेकिन ये कभी नहीं मानता कि पैसा ही सबकुछ है!

मैं ये भी मानता हूं कि जिसके पास आज पैसा है, 

उसके पास रौब है! रुतबा है! मान है ! सम्मान है!

और समाज में अलग ही उसकी आज पहचान है!

लेकिन मैं फिर भी नहीं मानता कि पैसा ही सबकुछ है!

और अपनी इस बात पर अंत तक डटा रहूँगा! 

क्यूंकि आप चाहें तो पैसे से आज के युग में सबकुछ खरीद सकते हैं, 

फिर भी कुछ चीजें ऐसी हैं जो चंद पैसों के मोहताज़ नहीं है!

आप पैसों से सोने के लिए गद्देदार बिछावन तो खरीद सकते हैं मगर नींद नहीं!

आप पैसों से ओढ़ने के लिए कोमल कपड़े तो खरीद सकते हैं

मग़र माँ के आँचल वाला वो नरमाहट नहीं !

पैसों से आज इन्साफ़ भी खरीदा जा सकता है मगर इंसानियत नहीं !

पैसों के लिए आज खून के रिसते भी खून के प्यासे हो जाते हैं

मगर खून के रिश्तों की बुनियाद पैसों से नहीं खरीदी और बेची जा सकती !

पैसों से आप भोग- विलास के समान भरसक खरीद सकते हैं , मगर भोगने का सुकून नहीं!

पैसों से आप भोजन खरीद सकते हैं भूख नहीं !

पैसों से आप साधन खरीद सकते हैं सुख नहीं!

मैं फिर भी मानता हूं कि पैसा बहुत कुछ है !

लेकिन ये मैं कभी नहीं मानता कि पैसा ही सबकुछ है !

और अपनी इस बात पे अंत तक मैं दृढ़ हूं और रहूँगा की,

पैसा बहुत कुछ है मग़र सबकुछ नहीं!!



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