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Rekha gupta

Classics

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Rekha gupta

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पैसा सब कुछ नहीं होता

पैसा सब कुछ नहीं होता

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पैसा जिन्दगी में महत्वपूर्ण हो सकता है

पर पैसा सब कुछ नहीं हो सकता।


पैसा हँसी बन सकता है,

पर दिली खुशी नहीं

दिल का चैन और सुकून नहीं।


पैसा किताबें खरीद सकता है,

पर अथाह ज्ञान नहीं,

अच्छी सोच और समझ नहीं।


पैसा अच्छा बिस्तर खरीद सकता है

पर सुकून की अच्छी नींद नहीं।


कीमती घड़ियां खरीद सकता है

पर समय को नहीं खरीद सकता

न समय की बहती धारा रोक सकता है।


पैसा मन बहलाने का साधन बन सकता है

पर दिल की बात सुनने वाला अच्छा दोस्त नहीं।


बाहरी चमक दमक बन सकता है

पर दिल की खूबसूरती नहीं।


पैसा ईंट पत्थर का मकान बना सकता है

खुशियों से भरा घर परिवार नहीं।


दवा खरीद सकता है पैसा

पर आपकी अच्छी सेहत नहीं।


न जीवन के नैतिक मूल्य,न प्यार

और न सम्मान खरीद सकता है पैसा।


न अच्छे संस्कार, न चरित्र

न अच्छी सोच खरीद सकता है पैसा।


पैसा बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है

पर जीवन मे पैसा ही सब कुछ नहीं होता।


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