STORYMIRROR

अनिल श्रीवास्तव "अनिल अयान"

Inspirational

3  

अनिल श्रीवास्तव "अनिल अयान"

Inspirational

पैरों को बाँध लिए

पैरों को बाँध लिए

1 min
152

बाधाएँ, दुख की सीमाएँ

पैरों को बाँध लिये।

पर हमने उद्देश्यों को

मन से साध लिये।


अपने अपने कारण हैं

अपने नए निवारण हैं।

अपनी बाधाएँ बनी हुई

किये हुए हम धारण हैं।।

कदम यहाँ चलने को आतुर

साहस निर्वाध लिये।

बाधाएँ, दुख की सीमाएँ

पैरों को बाँध लिये।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational