पास आजा यार
पास आजा यार
पास आजा यार
गले से लग जा यार
दिल करने लगा तेरी फ़रमाइश
तू इस में समा जा यार।
तेरी मीठी बातों में दिल घुलने लगा
तू दो-चार लफ्ज़ सुना जा यार
अब दिन ना मेरा तेरे बिन ढलता है
तू मेरी शामों को महका जा यार।
लिपटा रहूँ तेरे जिस्म से
तू अपने जिस्म ए अर्क में
डुबो जा यार।

