STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Tragedy Others Children

3  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Tragedy Others Children

पापा तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया

पापा तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया

1 min
355

गीत : पापा, तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया

पैसा, शोहरत कुछ काम ना आया।

पापा, तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया ।।

तुमने कहा था कि नशा करो, कर लिया

लड़कियों के संग मजा करो, कर लिया 

क्रूज पे क्या शानदार सा मजमा लगाया।

पापा, तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया।।

हम तो खुद को देश से बड़ा समझते थे 

तुम्हारे नाम का रसूख हमेशा रखते थे 

NCB पर जादू क्यों नहीं चल पाया।

पापा, तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया ।।


जानता हूँ, तुमने बड़े बड़े वकील किये 

बॉलीवुड ने भी दिन रात एक कर दिये 

मीडिया ने भी "बच्चा राग" खूब गाया।

पापा, तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया ।। 

नेताओं ने बयान देने में कसर नहीं छोड़ी 

NCB पर लांछन लगाने की मची होड़ा होड़ी 

फिर भी मैंने खुद को सींखचों में पाया ।

पापा, तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया ।। 

"किंग" बने फिरते हो, नकली हीरो निकले 

जनता में तो हो रहे समीर वानखेड़े के हल्ले 

असली नकली का फर्क आज जान पाया 

पापा, तुमने मुझे कहाँ जा फंसाया ।। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy