STORYMIRROR

Komal Kamble

Abstract Action Inspirational

4  

Komal Kamble

Abstract Action Inspirational

पाप और पुण्य

पाप और पुण्य

1 min
239

पाप पर तू पुण्य का प्रकाश डाल

कर तू अपनी कामयाबी की मंजिल पार

हर कोई पाप करके बन खड़ा है जिंदा लाश

पुण्य करके अपने पापों का तू कर विनाश


गंगा मां को कर प्रणाम

ना धुलेंगे तेेेरेे उसमें पाप

गंदी सोच और गंदी आत्मा का

सच्चाई से कर विनाश


झूठ का ये नक़ाब तेरा 

पाप का है जरिया एक

सच्चाई का साथ देकर

पुण्य कर यह मार्ग नेेक


सच्चाई का साथ दोगे

तो पुण्य का करोगे काम

झूठ का सहारा लेकर

पापों को करोगे अपने नाम।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract