Jalpa lalani 'Zoya'
Inspirational
चलो उस पाबंदी की चाबी को
समंदर में फेंक आते है
जो हमारे वजूद को
क़ैद करती है
फ़िर आज़ाद होकर
हौसलों की उड़ान भरते है
जाके उस फलक पर
एक नया आशियाँ बनाते है
जहाँ क़ैद न कर पाएं
कोई पिंजरा हमें
और बेफिक्र होकर
प्रकृति के साथ जीते है।
किताब-ए-ज़िन्द...
राब्ता
तिश्नगी-ए-क़ुर...
दिलनशीं
चाहत तेरी
पास आओ कभी
ज़ुल्फ़ का साया
हमसा कहाँ मिल...
तू है गीत मेर...
नाउम्मीदी में...
मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ। मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ।
निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा है। निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा...
उजागर सत्य से--- उफ ! बदलती जरूरतें, बदलते तहखाने। उजागर सत्य से--- उफ ! बदलती जरूरतें, बदलते तहखाने।
जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी जिद कर और पूरी क जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी ज...
हम सबके अपने ही सब होते, तब मधुरिम मृदुतर बरसते रंग। हम सबके अपने ही सब होते, तब मधुरिम मृदुतर बरसते रंग।
हर वर्ष कुछ पेड़ लगाकर बच्चों सा उनको पालूँगी! हर वर्ष कुछ पेड़ लगाकर बच्चों सा उनको पालूँगी!
ये कौन से भेड़ियों की प्रजातियां आई है मेरे वतन में... ये कौन से भेड़ियों की प्रजातियां आई है मेरे वतन में...
बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं विचार। बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं व...
उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर। उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर।
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा। मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा।
खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ। खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ।
सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है। सोए हो सिंह तुम्हें माता ने बुलाया है, धू-धू करे धरा किसने यह आग लगाया है।
आसान नहीं होता है अस्तांचल गामी सूर्य होना। आसान नहीं होता है अस्तांचल गामी सूर्य होना।
तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान। तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान।
और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए कोई हो ! और उन्होंने जवाब दिया ताकि आपके पास अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए को...
मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे मेरे बच्चे क्यों रहेंगे साथ मेरे
प्रकृति देवी प्रथम पुरूष मेंं, राग मिलन मनुहार ना होता! प्रकृति देवी प्रथम पुरूष मेंं, राग मिलन मनुहार ना होता!
वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो। वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो।
हूं खुदा मैं भी तो तेरा एक बंदा, फिर क्यों समझते है मुझे एक अभिशाप। हूं खुदा मैं भी तो तेरा एक बंदा, फिर क्यों समझते है मुझे एक अभिशाप।
एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत ! एक विश्वाश एक समर्पण और सबसे अहम मुझ- सी चाहत !