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ATUL MISHRA

Abstract

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ATUL MISHRA

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न्याय

न्याय

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न्याय हुआ है सत्य का, 

जीता है हर भक्त।

न्यायमूर्ति का, न्यायप्रिय के लिए,

न्याय है सर्वसम्मत।


विश्वास, प्रेम, भक्ति सदा,

फैले निज चहुँ ओर।

न्यायालय का प्रमाण यह,

मजबूत न्याय की डोर।


न्यायप्रियता थी जिनके रग में,

ऐसे थे प्रभु श्री राम।

अतुल समर्पित तन मन है,

देख न्यायमूर्ति का न्याय।


न्याय की जलती रहेगी, 

सदा, यूं ही मिसाल।

हिन्दू, मुस्लमान कुछ नहीं, यहाँ, 

हिन्दुस्तान में रहता सिर्फ इन्सान। 


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