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Sudershan kumar sharma

Inspirational

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Sudershan kumar sharma

Inspirational

नया वर्ष

नया वर्ष

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गुजर गए बीते पल वो फिर वापिस ना होंगे, 

नये वर्ष में नई उमंगें, नये हर पल होंगे। 


प्यार, मुहब्बत, भाईचारा सबके साथ होगा,

नहीं बिछेगा नफरतों का जाल, अब पल पल कुछ खास होगा। 


बढ़ेगी हर तरफ खुशहाली, गरीबों की भी,

दौलत माल माल होगी, नये वर्ष की यही सौगात होगी। 


सुंदर व रंगीन होंगी सभी के जीवन की राहें,

न दर्द न तकलीफ किसी के पास होगी। 


सलामत रहेंगी रोशनी की किरणें,

अंधेरों भरी नहीं रात होगी। 


न होगा माहौल गमी का, सबके दिल में, 

हँसी खुशी की बात होगी। 


यही तमन्ना रखता है सुदर्शन, मन उज्ज्वल होगा,

तन उज्ज्वल होगा, महकते जीवन की बरसात होगी। 


रखना, दुख दुखड़े दूर प्रभु सभी के,

तेरी ही घर घर जय, जयकार होगी।



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