नवरात्रि की रातों में
नवरात्रि की रातों में
नवरात्रि की रातों में, धूमधाम और रौशनी है,
नौ दिनों के इस त्योहार में ,एक आत्मानुभूति है।
धोल-नगाड़ों पर नाच कर ,डांडिया से रंग सजा ,
पंडाल में बैठकर, भगवन भक्ति से ये दिल बजा।
लोक संगीत की तालों में, हर दिल करता एक गान है ,
नवरात्रि की इस महक में, हर रूप में बसा नया ज्ञान है।
जहाँ रॉयल ब्लू का रंग, दिव्यता का प्रतीक है,
वहाँ पीला रंग आनंद का, और जीवन का संगीत है।
हरा रंग प्राकृतिकता के , रूप और पौष्टिकता का प्रतीक,
ग्रे रंग दर्शाता वहीं संहार, बुराई से हमारा दिल रहता निर्भीक।
नारंगी रंग की चमक, आग की तरह तपने का प्रतीक है ,
वहीं हरा रंग प्रकृति माँ के विभिन्न रूपों ,और उसके पौष्टिक गुणों की जीत है।
गुलाबी रंग का प्रतिनिधित्व ,शुद्धता और स्त्रीत्व का प्रतीक है ,
सफेद रंग शांति और पवित्रता के ,प्रेम का नया एक गीत है।
लाल रंग जुनून, शुभता और क्रोध का प्रतीक है ,
जो बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए ,नवरात्रि की रातों का संगीत है।
नवरात्रि का त्योहार, मां दुर्गा की महिमा का गान है ,
चलो आओ सब नत्मस्तक होकर ,करें वही कार्य जिसमे माँ का ध्यान है।।
