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Sajida Akram

Children

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Sajida Akram

Children

नन्ही की उलझन

नन्ही की उलझन

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नन्हे को समझ ना आए 

आज़ादी या स्वतंत्रता का है क्या ? 

मतलब बस उसको तो भाए 

केसरिया सफेद हरा रंग  


नन्हें से पूछे जब कोई 

आप ये झंडा क्यों लिए हो ? 

वो बस इधर- उधर देखकर 

माँ-बाबा को देखे प्रश्नवाचक 

नज़रों से मुझे बताओ 


"क्यूँ ? लिए हूँ मैं ये झंडा  

कोई तो दे दो मेरे 

इस उलझन का जवाब 

जब माँ- बाबा सुनाए

नन्हें को अंग्रेज़ों ने हमारे 


 देश को गुलाम बना लिया था

 उस ही स्वतंत्रता का जश्न मनाते है

नन्हें को आई तब समझ..! 

क्या होता है...? 

ये झंडा वन्दन...! 


हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को 

को याद भी किया जाता है और देश 

की स्वतंत्रता की ख़ुशियाँ भी मनाई जाती है।


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