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Vijay Kumar parashar "साखी"

Abstract

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Vijay Kumar parashar "साखी"

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नींव

नींव

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जीत साखी उनकी होती है

जिनकी नींव मजबूत होती है

वो लोग ऊंचाई से गिर जाते है

जिनकी नींव कमजोर होती है

उनकी रण में विजय होती है

जिनकी कर्मो में जान होती है

वो जीतकर भी हार जाते है,

जिनकी नींव खोखली होती है

फ़लक में भी उन्हें डर सताता है,

गिरने का उनके भय सताता है,

कमजोर नींव के मकान में,साखी

अक्सर मूसलाधार बरसात होती है

जिसकी जितनी मजबूत नींव,

उसकी उतनी मजबूत ग्रीव,

मजबूत नींव से जीत पक्की होती है

नींव के बिना तो साखी कभी,

कोई ईमारत खड़ी नही होती है

जीत साखी उनकी होती है

जिनकी नींव मजबूत होती है।



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