STORYMIRROR

Teju D

Abstract

4  

Teju D

Abstract

नई शुरुआत

नई शुरुआत

1 min
342

एक उम्मीद है इस जिंदगी से,

 की इस दिल से सब खाली हो जाए 

हर एक बात हर याद मिट जाए

ना अच्छी ना बुरी,

किन्हीं यादों का सहारा नहीं चाहिए 

बस एक नया पन्नना चाहिए 


बिल्कुल कोरा 

जिसे हम फिर से लिखना शुरु करे 

 एक नई शुरुवात करे 

फिर से कुछ अच्छी और बुरी यादें बनाए, 

एक नई कहानी को अंजाम दे, 

एक नए उजाले में चमकते हुए किसी को खुशियां दे 


खिलखिलाए, जी भर खाए, रोए,

अपनों के संग एक दुनिया में फिर से दोस्त बनाए,

और उन्ही दोस्तो मे फिर से जिंदगी को माकूल बनाए,

फिर से दिल लगाए।


पर इस बार दिल तो पत्थर का चाहिए 

जो बेपरवाह हो टूटने के लिए 

जो इतना बेबस ना हो किसी के साथ के लिए 

फिर से पन्ने ना भरे अश्कों के लिए 

उसी बेपरवाह जिंदगी की हंसी के लिए 


 इस पुराने पन्ने को छोड़ना होगा 

 इस कहानी को अंत देना होगा

 एक नए सफर पे चलना होगा

इस रुकी हुई रात को फिर से चलाकर 

एक नए सवेरे का इंतजार करना होगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract