STORYMIRROR

subrat kumar jena

Inspirational

3  

subrat kumar jena

Inspirational

नेताजी

नेताजी

1 min
215

आया था एक चमकता तारा

देके गया आजाद हिंद का नारा

ना झुका था ना रुका था

आजादी की राह पर सदा डटा था

"बोला था मुझे तुम खून दो

में तुम्हे आजादी दुंगा"

ये नारा आजादी की आग को

हवा से ज्यादा भडकाया था


छुप छुपाते गोरे अंग्रेजों से

बहुत लडा था अपनी जांबाजी से

रंग लाया एक दिन उनका संघर्ष

भारत को आजादी मिलने का हुआ राह प्रशस्त

अचानक एक दिन कहा गुम हुए

सारे भारत में सदमे की लहर छाए

मिली देर से हम भारतीयों को आजादी


ना भूली है महान बलिदानों को हमारी आबादी

आज हम भी तुम्हें नेताजी सदा करते हैं नमन

तुमको याद करता है ये तुम्हारा प्यारा सा वतन ।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational