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Sushree sangita Swain

Abstract

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Sushree sangita Swain

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नारी

नारी

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नारी, सब तुम्हारी आभारी हैं 

तुम दया, करुणा, स्नेह की अवतार हो 

तुम सृष्टि की सर्जना तुम ही संहार कारिणी हो 

तुम से ही जग मैं रौनक,  परिवार मैं परिपूर्णता हे 

तुम जोगमाया,  तुम ही महा काली हो 

नारी तुम धन्य हो, तुम महान हो 

तुमको सत सत  नमन हो. 


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