STORYMIRROR

Ruchi Chhabra

Inspirational

4  

Ruchi Chhabra

Inspirational

नारी कभी रिटायर नहीं होती.....

नारी कभी रिटायर नहीं होती.....

2 mins
456

मैं नारी हूं और नारी कभी रिटायर नहीं होती

पीहर में मां ने काम सिखाया

दूसरे घर जाना  दूसरे घर जाना

कह के खूब काम कराया

सब से जल्दी जग के सबसे देर से सोती

परिवार के सभी मनको को एक साथ पिरोती

नारी कभी रिटायर नहीं होती


फिर शादी करके दूसरे घर आना

प्यार से दुलार से सबको अपना बनाना

प्यार से खाना परोस के कभी

कभी सपनों से घर को सजाना

सबके सामने मुस्कुरा के तन्हाई में रोती

क्योंकि नारी कभी रिटायर नहीं होती


फिर बच्चों का जीवन में आना

रात भर की नींद गवानां

दिन भर के काम में फुरसत का गुम हो जाना

कभी थकावट से चिड़चिड़ी सी होजाती

कभी प्यार से नज़र उतारती

क्योंकि नारी कभी रिटायर नहीं होती


अब बच्चो की पढ़ाई की चिंता में खुद को डुबाना

काम खत्म करके उनके नोट्स बनाना

कभी एक की सुनती कभी दूसरे की लिखती

उनकी तरक्की के सपने आंखों में संजोती

क्योंकि नारी कभी रिटायर नहीं होती


फिर बच्चो की कामयाबी का जश्न मनाना

कभी मन्नत कभी प्रसाद

कभी देसी घी के लड्डू बनाना

घर में बच्चो के आने तक एक पल ना सोती

क्योंकि नारी कभी रिटायर नहीं होती


आज नौकरी से रिटायर हो जाऊंगी

दोस्तों से दूर हो के कुछ पल दुखी हो जाऊंगी

पर कल से फिर नए काम की लिस्ट बनाऊंगी

नाती पोतों के साथ समय बिताने की

सोच के मन ही मन में खुश होती

क्योंकि नारी कभी रिटायर नहीं होती।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational