STORYMIRROR

Dr Lalit Upadhyaya

Abstract Others

2  

Dr Lalit Upadhyaya

Abstract Others

नारी जीवन का आधार

नारी जीवन का आधार

1 min
253

श्रद्धा आराध्या तुम हो नारी,        

जिन पर होते गुरु बलिहारी।       

मातृ रूप में बनी संसारी,         

आधी दुनिया का संघर्ष है जारी।।    


जीवन का आधार तुम्हीं हो,        

ममता का आँचल तुम्हीं हो।      

पतिव्रता भार्या तुम्हीं हो,          

भैय्या की बहना तुम्हीं हो।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract