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Praveen Gola

Romance

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Praveen Gola

Romance

नाम

नाम

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कभी - कभी सोचती हूँ,

कि तुम्हे कोई नाम दूँ,

एक रिश्ता जिसमे हम बंधे,

उसे एक पहचान दूँ।


तुम रूह में बसे हो मेरी,

ऐसा मुझे क्यूँ लगता है ?

जब दर्द तुम्हे होता है,

तो मेरा दिल क्यूँ धड़कता है ?


मैंने कई नामों से तुम्हें पुकारा,

पर हर नाम में था एक सहारा,

हम दोनो हैं स्वच्छन्द पंछी,

जो बहें संग बहती धारा।


काफी सोच - विचारने के बाद,

मैने ये अंतिम निर्णय लिया,

कि जब तुम्हे मैं पूरी समर्पित,

फिर क्यूँ मन को अस्थिर किया ?


तुम्हे जिस नाम से मैं पुकारूंगी,

उस नाम का होगा एक "फेट",

तुम मुझे हो जान से प्यारे,

इसलिये तुम मेरे "सोलमेट"।


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