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Hardik Mahajan Hardik

Tragedy Inspirational

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Hardik Mahajan Hardik

Tragedy Inspirational

ना वो बदली

ना वो बदली

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ना वो बदली ओर,  

ना मैं बदला।

वो वक्त का वक्त है, 

जो हर पल बदला, 

ना वो रुकी ओर,

 ना मैं रुका।


साँसें उसकी ओर, 

मेरी साँसें।

वो पल जो हमारा है,

वही मिला।

धड़कनें जो भी 

बात कहती है,

हम दोनों की ओर, 

वही सुनते।


ना जमीन ओर है, 

ना आसमान।

हम दोनों का जैसा, 

बीच में मिलन।

पूरब से पश्चिम ओर, 

उत्तर से दक्षिण।


ना वो बदली ओर, 

ना मैं बदला।

हर वक्त का ओर, 

आना जाना।

कीमती हर समय,

का होना।

हमारा जिस ओर,

पल बदला।


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