"मूल्यांकन"
"मूल्यांकन"
दूसरों से तुलना मत करो,
करना है, तो अपना मूल्यांकन करो।
गुण-दोषों से युक्त है यह संसार,
अपने दोष देखने का करों तुम विचार।
दूसरों के हमेशा गुण देखा करो,
अपने अवगुणों को प्रभु को सोंपा करो।।
