मुश्किलें तो जीवन का हिस्सा है
मुश्किलें तो जीवन का हिस्सा है
तय है मुश्किलों का आना
ये तो हमारे जीवन का हिस्सा है
सुख दुख में ही तो है जीना हमें
यही जीवन के उपवन का किस्सा है।
खुद को अँधेरों में ना कैद करना
कभी मुश्किलों से तुम हारकर
उजाला मिलेगा ज़रूर तुम देखो तो
मन में उम्मीदों के दीये जलाकर।
मुश्किलें यूँ ही हल नहीं हो सकती
हमें संघर्ष करना पड़ता है
उजाला करने के लिए हमें
बुझे हुए चिरागों को जलाना पड़ता है।
आसान होगी गर ज़िंदगी की राहें
तो फिर मज़ा कहाँ है जीने में
दुख है यहाँ तभी तो आनंद मिलता
सुखों का जाम पीने में।
पांवों को तुम्हारे रोकने वाले बहुत मिलेंगे
इस जीवन के सफ़र में
कोशिश करेंगे हराने की
पर तुम चलते रहना मंजिल की डगर में।
हौसला और हिम्मत है अगर दिल में
फिर तूफ़ानों से क्या डरना
मन में गर है उजाला तो
आसान हो जाता राहों को रोशन करना।
मुश्किलें हैं तभी तो हमें अपनी
शक्तियों का आभास होता है
कठिनाइयों से ही तो हमें खुद को
निखारने का एक अवसर मिलता है।
अँधेरा रोज़ निगलता है सूरज को
पर वो कभी हिम्मत नहीं खोता
विश्वास है खुद पे तभी तो
हर सुबह अपनी जीत का जश्न मनाता।
ख़त्म नहीं होती मुश्किलों से ज़िंदगी
अच्छा बुरा सब गुज़र जाता है
जो हिम्मत से बढ़ता जाता है आगे
वो बिखरकर भी यहाँ निखर जाता है।
