शैलेन्द्र गौड़ कवि
Inspirational Others
जिंदगी के कई झमेले सब कोई झेले हैं
सुख दुःख का नाम जिंदगी संग में खेले हैं!
रोकना भी चाहे तो कोई रोक ना पाए
इसी प्रकार निर्वाह करें ऐ अच्छे मेले हैं!!
वृक्ष ~ शैलेन...
प्रेम ~ शैलेन...
मिलकर साथ चले...
अपने और बेगान...
आईना
मांशैलेन्द्र ...
पल की खबर शै...
दर्द
हां साहब हम क...
सहाराशैलेन्द्...
धरती माता से तुम सीखो दुःख कैसे तुम सहना। धरती माता से तुम सीखो दुःख कैसे तुम सहना।
नारी मूरत नहींं एक इन्सान है, इस धरती की एक अलौकिक शान है । नारी मूरत नहींं एक इन्सान है, इस धरती की एक अलौकिक शान है ।
हो सब पर मंगल की वर्षा जग में दुख दैन्य दुराव न हो। हो सब पर मंगल की वर्षा जग में दुख दैन्य दुराव न हो।
इंसानियत का एहसास और जीवन जीने का महत्व सिखलाएगा। इंसानियत का एहसास और जीवन जीने का महत्व सिखलाएगा।
आ जाओ,तुम भी मनुष्यता के इस पेड़ की छांव में! आ जाओ,तुम भी मनुष्यता के इस पेड़ की छांव में!
अपने देश को रामराज बनाए हम मां,बहन, बेटी की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हो जाएं हम! अपने देश को रामराज बनाए हम मां,बहन, बेटी की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर ह...
कांटों पर चलकर, हमें गुलाब बनना पड़ता है, जिंदगी आसान नहीं ..... इसे समझना पड़ता कांटों पर चलकर, हमें गुलाब बनना पड़ता है, जिंदगी आसान नहीं ..... इसे...
नारी घिसती रही एडियां सदियों तक अंक बराबर आने को! नारी घिसती रही एडियां सदियों तक अंक बराबर आने को!
मेरी मोहब्बत हो तुम मेरा भगवान तुम हो मेरे अंदर जो बसती है वो जान तुम हो! मेरी मोहब्बत हो तुम मेरा भगवान तुम हो मेरे अंदर जो बसती है वो जान तुम हो!
एक दूसरे पर विश्वास करें हमें चरित्र गढ़ना है लोगों के ईमानदारी और विश्वास का एक दूसरे पर विश्वास करें हमें चरित्र गढ़ना है लोगों के ईमानदारी और विश्वास...
कहलाती है स्त्री जो, है प्रथम शैलपुत्री वो। कहलाती है स्त्री जो, है प्रथम शैलपुत्री वो।
ढलती उम्र के इस पड़ाव में अब भी मैं कुछ सीख रही हूँ। ढलती उम्र के इस पड़ाव में अब भी मैं कुछ सीख रही हूँ।
नारी शक्ति जान लो जी, सब कुछ मान लो जी। यम से भी लड़कर, सबको बचायेगी। नारी शक्ति जान लो जी, सब कुछ मान लो जी। यम से भी लड़कर, सबको बचायेगी।
कभी कोई नहीं सराहेगा तुम्हारा दांव पे लगा लेना सब कुछ! कभी कोई नहीं सराहेगा तुम्हारा दांव पे लगा लेना सब कुछ!
नदी नालों में ना कूड़ा फेंके ना प्लास्टिक का कभी उपयोग करें जिससे कुदरत का हो नुकसान नदी नालों में ना कूड़ा फेंके ना प्लास्टिक का कभी उपयोग करें जिससे कुदरत का...
नहीं है झुकना। कोशिश है करना। कामयाबी को हासिल है करना। नहीं है झुकना। कोशिश है करना। कामयाबी को हासिल है करना।
कहो कारण क्या दुविधा का मित्र? सखे कहो क्या इंसान का चरित्र? कहो कारण क्या दुविधा का मित्र? सखे कहो क्या इंसान का चरित्र?
साथियों बारी आई अब अपनी कल्पना को पंख दो! साथियों बारी आई अब अपनी कल्पना को पंख दो!
चेहरे और दिल में से किसी को चुनना हो तो बेशक तुम दिल को ही चुन लो! चेहरे और दिल में से किसी को चुनना हो तो बेशक तुम दिल को ही चुन लो!
समझ जाओगे किसान का दर्द, एक बाार खेतों मे हल चलाकर तो देखो! समझ जाओगे किसान का दर्द, एक बाार खेतों मे हल चलाकर तो देखो!