शैलेन्द्र गौड़ कवि
Inspirational Others
जिंदगी के कई झमेले सब कोई झेले हैं
सुख दुःख का नाम जिंदगी संग में खेले हैं!
रोकना भी चाहे तो कोई रोक ना पाए
इसी प्रकार निर्वाह करें ऐ अच्छे मेले हैं!!
वृक्ष ~ शैलेन...
प्रेम ~ शैलेन...
मिलकर साथ चले...
अपने और बेगान...
आईना
मांशैलेन्द्र ...
पल की खबर शै...
दर्द
हां साहब हम क...
सहाराशैलेन्द्...
पता नहीं ज़िन्दगी मिले ना मिले दोबारा, अपने वर्तमान को जियो। पता नहीं ज़िन्दगी मिले ना मिले दोबारा, अपने वर्तमान को जियो।
योग और ध्यान के दबाव में मन में तरह-तरह की अशुद्धियाँ बाहर निकलती हैं. योग और ध्यान के दबाव में मन में तरह-तरह की अशुद्धियाँ बाहर निकलती हैं.
बिमारी भयानक बनी, कर रही परेशान। यह हम पर भारी रही,भूले नहीं निशान। बिमारी भयानक बनी, कर रही परेशान। यह हम पर भारी रही,भूले नहीं निशान।
मंजिल दूर नहीं है मेरी बस चंद कदम मुझे चलना है । मंजिल दूर नहीं है मेरी बस चंद कदम मुझे चलना है ।
लाचार नही, मजबूर नहीं मैं, एक धधकती चिंगारी हूँ. लाचार नही, मजबूर नहीं मैं, एक धधकती चिंगारी हूँ.
क्या चाहिए कोई ऐसा जो जिंदगी भर तुम्हारा साथ निभा सके या। क्या चाहिए कोई ऐसा जो जिंदगी भर तुम्हारा साथ निभा सके या।
चलता है रहता है, यह निर्भीक लगातार। रुका है क्यों, हे यात्री ! चलता है रहता है, यह निर्भीक लगातार। रुका है क्यों, हे यात्री !
सुरक्षित रहकर हौसला बनाये रखना यारों ये मौत का तांडव भी थम ही जायेगा। सुरक्षित रहकर हौसला बनाये रखना यारों ये मौत का तांडव भी थम ही जायेगा।
अपनी घनिष्ट विद्या को समेटे वे गांव एक कोने में रहते थे, वे सबके मसीहा थे, पर अब व अपनी घनिष्ट विद्या को समेटे वे गांव एक कोने में रहते थे, वे सबके मसीहा थे, ...
नीरज" की है करबद्ध प्रार्थना, भटके को कुछ तो राह दिखलाओ।। नीरज" की है करबद्ध प्रार्थना, भटके को कुछ तो राह दिखलाओ।।
कुछ बदले न बदले लेकिन चेहरे बदल जाते हैं। कुछ बदले न बदले लेकिन चेहरे बदल जाते हैं।
मैं आहिस्ता-आहिस्ता उनके पास गया और उनसे पूछा, "क्या आप रो रहे हैं?" मैं आहिस्ता-आहिस्ता उनके पास गया और उनसे पूछा, "क्या आप रो रहे हैं?"
आसमां भी झुकेगा पथ में तुम्हारे ईश तो भीतर ही है तेरे। आसमां भी झुकेगा पथ में तुम्हारे ईश तो भीतर ही है तेरे।
मां बाप भाई बहन, दोस्त है तेरे पास खुदा का शुक्र कर और बढ़ा ही चल। मां बाप भाई बहन, दोस्त है तेरे पास खुदा का शुक्र कर और बढ़ा ही चल।
देश मेरा....मेरी है शान...मेरा है मान .... देश मेरा....मेरी है शान...मेरा है मान ....
गमों को छोड़कर खुशियों को बांटती ये जिंदगी ही है। गमों को छोड़कर खुशियों को बांटती ये जिंदगी ही है।
तब धीरज ही काम है आता जो मानव को सुखी बनाता। तब धीरज ही काम है आता जो मानव को सुखी बनाता।
सच्चा धर्म हिंदू मुसलमान नहीं सच्चा धर्म तो है शुद्धचारण और सदाचार। सच्चा धर्म हिंदू मुसलमान नहीं सच्चा धर्म तो है शुद्धचारण और सदाचार।
मैं वो पानी,हवा, आकाश, आग हूं जो हर बार एक नया रूप दिखाऊं। मैं वो पानी,हवा, आकाश, आग हूं जो हर बार एक नया रूप दिखाऊं।
खुद को गढ़ना.... होगा अपनी तकदीर से , अब तुम को, ख़ुद ही लड़ना होगा। खुद को गढ़ना.... होगा अपनी तकदीर से , अब तुम को, ख़ुद ही लड़ना होगा।