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शैलेन्द्र गौड़ कवि

Others

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शैलेन्द्र गौड़ कवि

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प्रेम ~ शैलेन्द्र गौड़

प्रेम ~ शैलेन्द्र गौड़

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प्रेम बिन जीवन नहीं, प्रेम से सुखी संसार!

जिस हृदय प्रेम नहीं, वह जीवन बेकार!!

भरो प्रेम की गगरी, छलकत पर पल जाए!

बसे प्रेम की नगरी, सब घुल-मिल जाए!!



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