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शैलेन्द्र गौड़ कवि

Others

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शैलेन्द्र गौड़ कवि

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मिलकर साथ चले हम

मिलकर साथ चले हम

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हां आओ मिलकर साथ चले हम

जीवन पथ पर मिल बढ़ाएँ कदम

सच जीवन में हार जीत का मेला है!

तेरे सब हैं अपने, ना तू अकेला है!!


सुख दुख की बातें लगी रहती

साहस ना तोड़, ऐ राहें कहती

विशाल देश ऐ तेरा ही तो टोला है!!  


हार गया तो क्या एक दिन जीतेगा 

गिर के चलना फिर संभलना सीखेगा

तेरे भीतर सुन कर्म का शोला है!!



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